कपूर बनाने का बिजनेस शुरू करें | Camphor Making Best Business In 2024

(कपूर बनाने का बिजनेस, मशीन, रॉ मैटेरियल, विद्युत कनेक्शन, निवेश, लाभ, प्रकिया, लाइसेंस)

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कपूर का प्रयोग भारत में प्रमुखता से किया जाता है कपूर को हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व दिया गया है पूजा सामग्री में यह हमेशा से इस्तेमाल होता आया है कपूर का उपयोग घरों, मंदिरों, हवन, यज्ञ, पूजा में जलाने में आयुर्वेदिक तेल एवं दवा बनाने में भी प्रमुखता से किया जाने लगा है कपूर का प्रयोग तारपीन का तेल बनाने के लिए भी किया जाता है एवं कपूर को अन्य औद्योगिक वस्तुओं को बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है ऐसे में अगर आप 2023 में कपूर बनाने का बिजनेस शुरू करें Camphor making business in Hindi तो आपको इस लेख के माध्यम से बिजनेस से सम्बन्धित समस्त बातों का अध्ययन करना चाहिए।

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Table of Contents

बिजनेस प्लान एवं मार्केट रिसर्च

कपूर क्या है

कपूर सफेद रंग का एक क्रिस्टल ठोस पदार्थ होता है जिसका साइंटिफिक नाम CINNAMOMUM CAMPHORAV है जिसमें एक विशेष गंध आती है कपूर कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का एक रासायनिक मिश्रण है. कपूर दो तरह का होता है ‘प्राकृतिक एवं सिंथेटिक’ प्राकृतिक कपूर का उत्पादन ‘काम्फोर लॉरेल’ नामक पेड़ से उत्पादित किया जाता है यह पेड़ वियतनाम, चीन, जापान,ताइवान आदि देशों में प्रमुखता से पाया जाता है जिसे भारत में भीमसेनी कपूर के नाम से जाना जाता है भारत को 75% कपूर बाहर से आयात करना पड़ता है भारत में ज्यादातर जिस कपूर का उत्पादन होता है वह एक सिंथेटिक कपूर होता है इसका उत्पादन देवदार के पेड़ की लकड़ी से किया जाता है।

भारत में कपूर का भविष्य (Business Future)

भारत में कपूर बनाने का बिजनेस का भविष्य हमेशा उज्जवल रहने वाला है क्योंकि भारतीय संस्कृति में सदियों से कपूर का बहुत महत्व है बिना कपूर के कभी पूजा, यज्ञ, हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण नहीं माना जाता है भारत में कपूर का इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में एवं फार्मास्यूटिकल्स के उपयोग में भी बड़ी मात्रा में किया जाता है जिसके कारण कपूर टेबलेट बनाने का बिजनेस शुरू करना आपके लिए फायदे का बिजनेस रहने वाला होगा।

कपूर बनाने के बिजनेस में सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अपना प्लांट जहाँ पर लगा रहे हैं वहां की मार्केटिंग की बारीकियों को अच्छी तरह से समझ लें वहाँ के मार्केट में कपूर के रेट, पैकिंग, मार्जिन, कच्चामाल की उपलब्धता, बिद्युत की उपलब्धता आदि बातों के बारे में अच्छे से जानकारी लें लें।

कपूर बिजनेस के लिए रिक्वायरमेंट एरिया (Requirement Area)

कपूर बनाने का बिजनेस अगर आप घर से छोटे स्तर पर शुरू कर रहे हैं तो आप घर से यह बिजनेस कर सकते हैं लेकिन अगर आप बड़ी मशीन लगाते हैं तो आपको 1000 वर्ग फीट जगह आवश्यकता पड़ेगी जिसमें आपको 600 वर्ग फीट कपूर मेकिंग प्लांट के लिए चाहिए और कम से कम 300-400 वर्ग फीट का एक गोदाम और एक आफिस की आवश्यकता पड़ सकती है।

कपूर बनाने के लिए मशीन (Camphor Making Machine)

कपूर बनाने का बिजनेस शुरू करने से पहले आपको कपूर बनाने वाली मशीन या कपूर का टेबलेट बनाने वाली मशीन लेना होगा मार्केट में लगभग ₹45000 से ₹200000 तक मिलता है अलग अलग मशीन की क्वालिटी के हिसाब से उसका प्रोडक्शन रहेगा यह सभी मशीन आपको आपके नजदीक के बड़े शहर में मिल जाएगा या तो आप ऑनलाइन वेबसाइटों INDIAMART, OR TRADEINDIA पर विजिट करके जानकारी कर सकते हैं।

कपूर बिजनेस के लिए विद्युत कनेक्शन (Electricity)

कपूर बनाने का बिजनेस अगर आप छोटे स्तर पर करते हैं तो तो आप घरेलू कनेक्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं अगर आप बड़े स्तर पर प्लांट लगाते हैं तो आपको 2 केवी या दो से अधिक का कमर्शियल या औद्योगिक विद्युत कनेक्शन लेना होगा।

कपूर बनाने के लिए कच्चा माल (Requirement Row material)

  • काम्फोर पाउडर- 
  • कपूर बनाने के लिए जिस रॉ मटेरियल की जरूरत सबसे ज्यादा होती है वह ‘काम्फोर’ पाउडर जो सफेद कलर का होता है जिसे कपूर का पाउडर कहते हैं आपके नजदीक के बड़े मार्केट में ₹900 से ₹1500 प्रति किलोग्राम में मिल जाएगा।
  • हेक्शामाईन- 
  • हेक्शामाईन आपको मार्केट में ₹100 प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिल जाएगा हेक्शामाईन कपूर मे एक मिलावटी पदार्थ है इससे कपूर की क्वालिटी निम्न करने के लिए मिलाया जाता है।
  • पैकेजिंग पालीथीन –
  • पैकेजिंग पालीथीनजो कि कपूर या कपूर का टेबलेट तैयार होने के बाद में उसे पैक करने के काम आता है जो आप को ₹150 से ₹200 प्रति किलोग्राम में मिल जायेगा।

कपूर बनाने की प्रकिया (Making Process)

कपूर बनाने का बिजनेस के लिए सबसे पहले काम्फोर पाउडर को एकदम बारीक कर लें उसके बाद जिस क्वालिटी का कपूर आप को चाहिए उसके क्वालिटी के हिसाब से उसमें हेक्शामाईन पाउडर मिला दें,उसके बाद कपूर बनाने वाली मशीन में मिक्स पाउडर डाल दें और कपूर बनने लगता है कपूर बनने के बाद उसको आवश्यकतानुसार पैक कर दें।

कपूर बिजनेस की मार्केटिंग (Business Marketing)

किसी भी बिजनेस के लिए सबसे जरूरी होता है कि उसके प्रोडक्ट की मार्केटिंग करना चाहे कोई भी बिजनेस हो अगर सही ढंग से मार्केटिंग नहीं की जाती है तो बिजनेस बहुत जल्दी फ्लॉप हो जाता है इसलिए कपूर बनाने के बिजनेस की मार्केटिंग के लिए निम्न तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  1. अपने प्रोडक्ट को आकर्षक और डिजाइनदार पैकेजिंग बनायें और सही ग्राहक तक पहुंचाएं और समय समय पर ग्राहकों से सकारात्मक और नकारात्मक प्रतिक्रिया हासिल करें जिससे आप उस प्रोडक्ट के कमियों के बारे में जान सके।
  2. बिजनेस के प्रचार प्रसार के लिए स्थानीय समाचार पत्रों, रेडियो में विज्ञापन एवं अपने लोकल एरिया में पोस्टर एवं होर्डिंग्स से भी विज्ञापन कर सकते हैं और जैसे-जैसे आपका बिजनेस बढ़ता जाए वैसे-वैसे आप अपने विज्ञापन का दायरा भी बढाते जाए।
  3. कपूर बनाने का बिजनेस होलसेल बिजनेस है लेकिन शुरुआती दौर में अपने आसपास के बाजार एरिया में खुदरा विक्रेताओं क्षेत्रीय मन्दिरों, मेलों एवं धार्मिक स्थलों पर संपर्क करके बेच सकते हैं जैसे-जैसे आपका बिजनेस बढ़ता जाए वैसे-वैसे अपने मार्केटिंग का दायरा भी थोक विक्रेताओं तक बढाते जाए।
  4. कपूर बनाने का बिजनेस अगर आप बडे़ लेबल का करते हैं तो अपनी निजी वेबसाइट या सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्युब पर मार्केटिंग कर सकते हैं।
  5. कपूर बिजनेस को ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइटों  INDIAMART OR TRADEINDIA आदि के माध्यम से मार्केटिंग कर सकते हैं।

कपूर का बिजनेस शुरू करने में लागत (Total Investment)

कपूर एक लघु उद्योग है कपूर टेबलेट बनाने का बिजनेस आप बहुत ही कम लागत में शुरू कर सकते हैं इस बिजनेस के लिए आपको कपूर टेबलेट बनाने वाली मशीन लेना होगा जो लगभग ₹60000 में मिल जायेगा और ₹30000 से ₹35000 कच्चे माल पर खर्च होगें कुल मिलाकर आप ₹100000 से ₹1200000 लगाकर कपूर बनाने का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

कपूर बिजनेस में लाभ (Business Profit)

कपूर के बिजनेस में लाभ की बात करें अगर आप स्वयं मार्केटिंग करते हैं तो आप लगभग 25% से 30% तक का मुनाफा आराम से कमा सकते हैं अगर आप थोक बिजनेस करते हैं तो 15% से 20% आराम से बचा सकते हैं।

कपूर बिजनेस के लिए लाइसेंस (Licence and Registration)

कपूर बनाने का बिजनेस अगर आप घर से शुरू कर रहे हैं तो आपको रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ेगी लेकिन जब आप अपने नाम का ब्रांड बनाकर बिजनेस करते हैं तो आपको निम्न लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ेगी।

  1. उद्योग रजिस्ट्रेशन 
  2. जीएसटी
  3. कंपनी का ट्रेडमार्क
  4. कम्पनी एक बैंक अकाउंट
  5. कम्पनी का पेन कार्ड
  6. पर्यावरण विभाग से NOC

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों उक्त आर्टिकल के माध्यम से इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति जिसके पास मजबूत दृढ़ शक्ति, इन्वेस्ट की क्षमता है कपूर बनाने का बिजनेस शुरू करता है तो छोटे लेवल पर कम लागत लगाकर भी अच्छा लाभ कमा सकता है अगर आप बड़े लेवल पर करना चाहते हैं तो बिजनेस प्लान एवं मार्केट रिसर्च अच्छे से कर लें ताकि इन्वेस्ट करने के बाद फिर आपको किसी तरह से सोचना ना पड़े वैसे कपूर बनाने का बिजनेस सदाबहार बिजनेस है जो हर मौसम में चलता है।

FAQ [Frequently Asked Questions]

1.कपूर कैसे बनाया जाता है?

कपूर दो तरह से बनाये जाते है ‘प्राकृतिक एवं सिंथेटिक’ प्राकृतिक कपूर का उत्पादन ‘काम्फोर लॉरेल’ नामक पेड़ से उत्पादित किया जाता है यह पेड़ वियतनाम, चीन, जापान,ताइवान आदि देशों में प्रमुखता से पाया जाता है.
सिंथेटिक कपूर होता है कपूर कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का एक रासायनिक मिश्रण है इसका उत्पादन देवदार के पेड़ की लकड़ी से किया जाता है

2.कपूर बिजनेस में मार्केटिंग कैसे की जाती है?

1.आकर्षक उच्च गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और डिजाइनदार पैकेजिंग बनायें।
2.स्थानीय समाचार पत्रों, रेडियो में विज्ञापन करके।
3.निजी वेबसाइट या सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्युब पर प्रचार प्रसार करके।
4.ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से मार्केटिंग कर सकते हैं।
5.क्षेत्रीय मन्दिरों, मेलों एवं धार्मिक स्थलों पर संपर्क करके बेच सकते हैं

3.कपूर बनाने के बिज़नेस में क्या चुनौतियाँ हैं?

1.कपूर बनाने का बिजनेस एक हाई कम्पटीशन बिजनेस है।
2.प्रोडक्टस की पैकैजिंग और उच्च गुणवत्ता पर ध्यान दें ताकि ग्राहक वापस आएं।
3.कपूर के बिजनेस में कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति का प्रबंधन करना मुश्किल हो सकता है।
4.कपूर के बिजनेस में बिजनेस लाइसेंस और गुणवत्ता मानकों का अनुपालन करना बहुत जरूरी होता है।
5.कपूर की मांग त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है, लेकिन ऑफ-सीजन होने पर कम हो सकती है।

4.कपूर बनाने के बिजनेस में कितने वर्कर की आवश्यकता होती है?

छोटे स्तर पर स्वयं के साथ एक अनुभवी वर्कर रख सकते है लेकिन बडे स्तर पर 3 से 4 वर्कर आवश्यकता पड़ सकती है।

5.कपूर बनाने के लिए कच्चामाल कौन कौन सा लगता है?

1. काम्फोर पाउडर, 2. हेक्शामाईन, 3.पैकेजिंग पालीथीन।

6.कपूर बनाने का बिजनेस शुरू करने में कितना निवेश लगता है?

इस बिजनेस के लिए आपको कपूर टेबलेट बनाने वाली मशीन लेना होगा जो लगभग ₹60000 में मिल जायेगा और ₹30000 से ₹35000 कच्चे माल पर खर्च होगें कुल मिलाकर आप ₹100000 से ₹1200000 लगाकर कपूर बनाने का बिजनेस शुरू कर सकते हैं

7.कपूर बिजनेस के लिए कौन कौन सा लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन लगता है?

1.उद्योग रजिस्ट्रेशन, 2.जीएसटी, 3.कंपनी का ट्रेडमार्क, 4.कम्पनी एक बैंक अकाउंट, 5.कम्पनी का पेन कार्ड, 6.पर्यावरण विभाग से NOC

8.कपूर बनाने की मशीन कहाँ से खरीदें?

कपूर बनाने की मशीन आपको आपके नजदीक के बड़े शहर में मिल जाएगा या तो आप ऑनलाइन वेबसाइट INDIAMART OR TRADEINDIA पर विजिट करके जानकारी करके खरीद सकते हैं।

9.कपूर बिजनेस के लिए कितनी जगह की जरुरत होती है?

कपूर बिजनेस के लिए आपको 1000 वर्ग फीट जगह आवश्यकता पड़ेगी जिसमें आपको 600 वर्ग फीट कपूर मेकिंग प्लांट के लिए चाहिए और कम से कम 300-400 वर्ग फीट का एक गोदाम और एक आफिस की आवश्यकता पड़ सकती है।


दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया है यह महत्वपूर्ण रोजगार लेख “कपूर बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें How to start camphor tablets making  Business in Hindi)” पसंद आया होगा यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं इस जानकारी को आगे शेयर जरूर करें ।

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