Fish farming business in india: मछली पालन का व्यवसाय 2024 कैसे शुरू करें कम लागत अधिक मुनाफा?

Fish farming business:- दोस्तों मछली का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है मछली एक मांसाहारी भोजन है मछली प्रोटीन अच्छा स्रोत होती है भारत में 80% लोग मछली का सेवन करते हैं डॉक्टर भी मछली खाने की सलाह देते हैं।विश्व में भारत मछली उत्पादक देश में तीसरे स्थान पर है पूरी दुनिया में मछली की डिमांड हमेशा रहती है आज मछली पालन एक बहुत लाभदायक व्यवसाय माना जाता है।

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ऐसे में अगर आपकी इस बिजनेस में रुचि और निवेश की क्षमता है तो Fish farming business करके अच्छा खासा पैसा बना सकते हैं तो आइये जानने की कोशिश करते हैं कि इस बिजनेस को शुरू करने में कितना इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा कितनी कमाई हो सकती है इस बिजनेस से संबंधित सम्पूर्ण बातों का अध्ययन आर्टिकल के माध्यम करते हैं।

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Table of Contents

मछली पालन या Fish farming क्या है

मछली पालन का बिजनेस या Fish farming business का अर्थ है मछली को पालना, उसे बढ़ावा देना और बाजार में बेचकर लाभ कमाना। इतना ही नहीं, इस व्यापार में मिलने वाले लाभ की तुलना में खर्च बहुत कम होता है। सीधे शब्दों में, आप आसानी से तीन से चार गुना लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Fish farming business एक नजर

बिजनेस का नाममछली पालन (Fish farming)
मछली पालन शुरू करने में लागत50000-100000 रूपये
मछली पालन से लाभकरीब दो से तीन लाख प्रतिवर्ष
मछली की नस्लरोहू, मृगल, कतला, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प, नैनी और कामन कार्प
मछलियों के दाने की कीमत100 से ₹200 किलोग्राम
मत्स्य पालन के लिए लाइसेंसफर्म का रेजिस्ट्रेशन, उद्योग आधार, जीएसटी, FSSAI लाइसेंस
मतस्य विभाग की वेबसाइट प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना

मछली पालन का व्यवसाय कैसे शुरू करें

भारत में Fish farming business अधिक लाभदायक होता है अगर आप आधुनिक और तकनीकी की सहायता से करते हैं तो मछली पालन बहुत ही कम लागत में शुरू करके अधिक प्रॉफिट कमाया जा सकता है मछली पालन ऐसी जगह से शुरू करें जहां पर पानी का अच्छा स्रोत हो जैसे- नहर, नदियां, पोखरे और तालाब आदि मौजूद हो जिनकी सहायता से Fish farming business अच्छे से कर सकते है।

मछली पालन करने के लिए आपको कुछ छोटे- बडे़ तालाबों की जरूरत होती है तालाब चाहे स्वयं का हो या रेंट का हो जहां मछलियों को कुछ दिनों तक रखा जाता है और उन तालाबों में मछलियों को खाने के लिए दाना या चारा दिया जाता है जिससे खाकर कुछ दिनों में मछलियाँ डेढ़ से 2 किलो की हो जाती है तो उनको तालाब से निकाल कर मार्केट में लाभदायक रेट में बेंच दिया जाता है। लेकिन नीचे बताए गए तरीकों का ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य कम लागत में अधिक से अधिक मुनाफा कमाना होता है।

प्लास्टिक या आरसीसी टैंक से मछली पालन

आज की तकनीक से आप अपने घर पर किसी जगह से प्लास्टिक या आरसीसी टैंक बनाकर मछली पालन कर सकते हैं। इसके लिए आपको तकनीक का उपयोग करके मछलियों के रहने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना होगा ऐसा करने के लिए आपको तमाम उपकरणों और बिजली और पानी की अच्छी व्यवस्था करनी होगी जिनकी मदद से आप वहाँ का तापमान मछली पालन के अनुकूल बना सकते हैं आजकल इस तकनीक से Fish farming business लाभदायक होने लगा है।

पिंजरा या जाल विधि से मछली पालन

यह तकनीक नदियों, समुद्रों और झीलों में काम करती है इसलिए आपको अपना पूरा व्यापार सिर्फ एक नदी, झील या समुद्र के पानी में बहुत कम खर्च में कर सकते है। इस तरीके में सिर्फ समुद्र, झील या नदी के संभावित क्षेत्रफल में जाल लगाकर जाल बनाकर या पिंजरा बना दिया जाता है जिसके बाद मछलियां इधर से उधर जाने ना पाए। बड़ी-बड़ी फिश फार्मिंग कंपनियों के द्वारा इस तरह का Fish farming business किया जाता है ये मत्स्य पालन का सबसे आसान और अधिक लाभदायक होता है।

तालाब बनाकर मछली पालन

इस तकनीक को सबसे अच्छा, प्रचलित और अधिक लाभदायक माना जाता है लेकिन इसके लिए आपको एक या एक से अधिक तालाब बनाना होगा या पुराने तालाब को साफकर इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इसके व्यापार और रख-रखाव को अच्छे से चलाने में थोड़ा अधिक खर्च करना पड़ सकता है और काफी मेहनत भी लगता है। लेकिन इस विधि में मछलियों की पैदावार अच्छी होती है।

मछली पालन के लिए तालाब को तैयार करें

मछली की बीज डालने से पहले तालाब को साफ करना जरूरी होता है जिससे पानी की गुणवत्ता बनी रहे तालाब से सभी जलीय पौधों को मजदूर लगाकर साफ कर लें, छोटी-छोटी मछलियों और खाऊ मछलियों को बाहर निकाल दें, या जहर का प्रयोग करके मार दें या एक बीघा के तालाब में करीब 300 किलोग्राम महुआ की खली डाल दें जिससे खाऊ मछलियाँ तीन से चार घंटों में बेहोश होकर सतह पर आ जाती हैं। इन सभी कार्यों को करने के 8 से 10 दिन बाद ही जब तालाब पूरी तरह से साफ हो जाए और जहर का असर पूरी तरह से खत्म हो जाए तभी नई मछलियों को तालाब में डालें।

तालाब का साईज

तालाब का क्षेत्रफल कम से कम 300 वर्ग मीटर और गहराई 7 फुट से कम नहीं होनी चाहिए ताकि सभी प्रकार की मछलियां आराम से रह सकें। वैसे भी एक ही तालाब में अलग अलग प्रकार की मछलियों को रखा जाता है। अतः ये मछलियां अधिक गहराई में आसानी से अपना संतुलन बना लेती हैं।

मछलियाँ कौन से नस्ल की रखें

मछली पालन के लिए कौन सी नस्ल की मछलियों का चयन करें इसके लिए कई अलग-अलग पैमाने हो सकते हैं इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी मौसम, जलवायु व मिट्टी और जल्दी तैयार होने वाली नस्ल की मछलियां है इसके अलावा उस क्षेत्र में लोगों के खाने की पसंद तथा मछली पालन से होने वाला लाभ आदि अलग-अलग बातों पर निर्भर करता है।

मछली पालन में आप रोहू, मृगल, कतला, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प, नैनी और कामन कार्प सहित कई प्रकार की मछली पाला सकते हैं। इन सभी नस्ल की मछलियां हर तरह के मौसम को आसानी से झेल लेती हैं और जल्दी बढ़ने के साथ मार्केट में अच्छे कीमत पर बिकती है। यह सभी मछलियां सामान्यतः लोगों को खाने में पसंद आती है और इन्हें पालने के लिए ज्यादा मेहनत और खर्च भी नहीं करना पड़ता है।

मछली का बीज कहाँ से खरीदें

आप भी अपने क्षेत्र में मछली के बीज बेचने वाले लोगों से संपर्क करके या किसी भी हैचरी से सम्पर्क करके सस्ते में मछली के बीज खरीद सकते हैं। साथ ही, देश के हर जिले में मछली पालन विभाग होता है जहाँ पर आप मछली के बीज के बारे में जानकारी पा सकते हैं और मछली का बीज खरीद सकते हैं मछली के बीज की कीमत 200 से 2000 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो सकती है या उनके साइज के हिसाब से अलग-अलग रेट करीब ₹1 से ₹10 के बीच में हो सकती है।

मछलियों के भोजन की व्यवस्था करें

जिस तालाब में आप Fish farming business कर रहे हैं उसमें एक महीने पहले से ही 1 बीघा के तालाब में 300 किलो गोबर डालें ताकि बीज डालते समय उनके लिए पर्याप्त खाना उपलब्ध हो जाए। तालाब में बीज डालते समय गोबर के अलावा शुरुआती दिनों में चोकर भी दे सकते हैं। मछली के बच्चों के मुँह छोटे होते है जो आसानी से चोकर खा सकते हैं।

जब बात मछलियों के आहार की हो तो इस पर काफी ध्यान देने की जरूरत होती है शुरुआती दिनों में आप गोबर या चोकर दे सकते हैं लेकिन 4 से 5 दिनों के बाद मछलियों के अच्छे विकास के लिए 1 दिन में लगभग तीन बार दाना देना आवश्यक होता है मछलियों को दिया जाने वाला दाना कितनी मात्रा में दिया जाना चाहिए कि मछलियाँ अच्छे से विकसित हो सके। अगर आप एक बीघा के तालाब में Fish farming business कर रहे हैं तो निम्नलिखित मात्रा में दाना दे सकते हैं-

7-60 दिनों तक1 किलो ग्राम
60-120 दिनों तक2 किलो ग्राम
120-180 दिनों तक3 किलो ग्राम
180-240 दिनों तक4 किलो ग्राम
मछली का दाना मार्केट में 100 से ₹200 किलोग्राम मिलता है

मछली पालन व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण

भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता हैं। जिसको ज्वाइन करके आप निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं, सरकार के द्वारा भी कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अंतर्गत आने वाले किसानों की आय को बढ़ाने के लिए कई प्रकार की योजनाएं लांच की है। मत्स्य विभाग की वेबसाइट प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना पर प्रशिक्षण से सम्बन्धित जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

मछलियों को तैयार होने में कितना समय लगता है

Fish farming business में अगर आप विकसित प्रजाति की मछली डालते हैं तो वह तीन से चार महीने में ही एक से डेढ़ किलोग्राम वजन की हो जाती है लेकिन अगर देसी प्रजाति की मछलियों का पालन करते हैं तो एक से डेढ़ किलोग्राम वजन होने में 5 से 6 महीने समय लग सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि देसी मछलियों के खाने का स्वाद विकसित मछलियों की तुलना अधिक स्वादिष्ट होती है और देशी मछलियों मे लाभ अधिक होता है।

मछली पालन व्यवसाय में लागत

Fish farming business आप अपनी लागत के अनुसार छोटे या बड़े लेवल पर शुरू कर सकते हैं लेकिन मेरी सलाह है कि आप मछली पालन का बिजनेस पहले छोटे तालाब से कम लागत में शुरू करें जैसे-जैसे आप लाभ कमायें वैसे इस बिजनेस का विस्तार करते जाएं। एक बीघा के तालाब से Fish farming business शुरू करने पर 50000 से एक लाख रुपये का खर्च करना पड़ सकता है।

लेकिन अगर आपका बड़े लेबल पर इस बिजनेस को शुरू कर रहे है तो 8 से 10 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट के साथ आधुनिक तकनीकि की सहायता भी लेनी पडे़गी। जिसमें आपको छोटे-बड़े कई तालाब बनवाने पड़ेंगे कुछ आधुनिक मशीनों जैसे- पम्पिंग सेट, मछली पकड़ने का जाल, तालाब का सुरक्षा व्यवस्था, कँटिले तार, सीसीटीवी कैमरा, लाइटिंग और कर्मचारियों का वेतन शामिल हैं और ट्रांसपोर्ट के लिए वाहन की व्यवस्था करनी पड़ेगी।

मछली पालन व्यवसाय में लोन एवं सब्सिडी

Fish farming business के लिए ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसी भी सरकारी बैंक में जाकर कम ब्याज दर पर प्राप्त कर सकता है इसके अलावा जिला मत्स्य विभाग से कमर्शियल एग्रीकल्चर सिस्टम के माध्यम से भी 20 लाख तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं।

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अन्तर्गत अच्छा खासा सब्सिडी किसान को प्रदान किया जाता है जिसमें 50% का अनुदान केंद्र सरकार और 25% राज्य सरकार वहन करती है यानी की मछली पालन करने के लिए किसान को सिर्फ 25% धनराशि ही लगानी पडेगी बाकी 75% धनराशि सब्सिडी के रूप में वापस मिल जाती है।

मछली पालन से कमाई

मतस्य पालन में मुनाफा काफी अधिक होता है अगर आप एक बीघा के एक तालाब से Fish farming business शुरू करते है तो इसमें आप हर साल 2-3 लाख रुपये आसानी से कमा सकते है क्योंकि मछली पालन में लागत का तीन गुना मुनाफा हो सकता। आप जितना ज्यादा मछलियों को पालेंगे उतना ही ज्यादा पैसा कमाएंगे। अच्छी नस्ल और अच्छी मछलियां आपको बिजनेस में आगे पहुंचाने में काफी मददगार साबित हो सकती है इसलिए मछली को अच्छा खाना, साफ़ पानी दे।

मछली पालन के लिए आवश्यक लाइसेंस

छोटे स्तर पर Fish farming business करने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती है लेकिन अगर आप बड़े स्तर पर मछली पालन का बिजनेस करते हैं तो आपको निम्नलिखित लाइसेंस जब रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ सकती है।

  • अपने फर्म का रेजिस्ट्रेशन करवायें।
  • MSME रेजिस्ट्रेशन या उद्योग आधार
  • जीएसटी
  • FSSAI लाइसेंस

मछली पालन बिजनेस की मार्केटिंग कैसे करें

व्यापार को बढ़ाने के लिए, चाहे वह मछली पालन व्यवसाय (Fish farming business) हो या कोई और हो, मार्केटिंग बहुत महत्वपूर्ण है। जब मांग अधिक होती है और पूर्ति कम होती है, तो अपने इस बिजनेस को वहाँ प्रमोट करें। ऐसी जगहों पर आपका व्यवसाय बढ़ने का सबसे अधिक मौका है। देश के बाहर भी मछली की मांग बढ़ रही है इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केट में प्रचारित कर सकते है।

Fish farming business से सम्बन्धित प्रश्न

मछली पालन में कितना खर्चा आता है?

एक बीघा के तालाब से Fish farming business शुरू करने पर 50000 से एक लाख रुपये का खर्च करना पड़ सकता है।

मछली कितने दिन में 1 किलो की हो जाती है?

Fish farming business में अगर आप विकसित प्रजाति की मछली डालते हैं तो वह तीन से चार महीने में ही एक से डेढ़ किलोग्राम वजन की हो जाती है लेकिन अगर देसी प्रजाति की मछलियों का पालन करते हैं तो एक से डेढ़ किलोग्राम वजन होने में 5 से 6 महीने समय लग सकता है।

छोटे स्तर पर मछली पालन कैसे शुरू करें?

अपने घर पर छोटे स्तर पर Fish farming business करने के लिए प्लास्टिक टैंक खरीदकर या आरसीसी टैंक बनाकर मछली पालन का बिजनेस कर सकते हैं।

प्लास्टिक टैंक या आरसीसी टैंक से मछली पालन कैसे शुरू करें?

आज की तकनीक से आप अपने घर पर किसी जगह से प्लास्टिक या आरसीसी टैंक बनाकर मछली पालन कर सकते हैं। इसके लिए आपको तकनीक का उपयोग करके मछलियों के रहने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना होगा ऐसा करने के लिए आपको तमाम उपकरणों और बिजली और पानी की अच्छी व्यवस्था करनी होगी जिनकी मदद से आप वहाँ का तापमान मछली पालन के अनुकूल बना सकते हैं आजकल इस तकनीक से Fish farming business लाभदायक होने लगा है।

मछली पालन से कितनी कमाई कर सकते हैं?

आप एक बीघा के एक तालाब से Fish farming business शुरू करते है तो इसमें आप हर साल 2-3 लाख रुपये आसानी से कमा सकते है।

मछली पालन के व्यवसाय में लोन कैसे प्राप्त करें?

Fish farming business के लिए ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसी भी सरकारी बैंक में जाकर कम ब्याज दर पर प्राप्त कर सकता है इसके अलावा जिला मत्स्य विभाग से कमर्शियल एग्रीकल्चर सिस्टम के माध्यम से भी 20 लाख तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं।

मछली पालन के लिए ट्रेनिंग कहां से प्राप्त करें?

भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता हैं। जिसको ज्वाइन करके आप निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों उपरोक्त आर्टिकल को पूरा पढ़ने एवं समझने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि अगर आपके अंदर निवेश की क्षमता और बिजनेस की रुचि है तो मछली पालन का बिजनेस शुरू कर सकते हैं यह बिजनेस करना बहुत आसान है इसमें लागत भी बहुत कम लगता है और सरकार के द्वारा प्रशिक्षण ट्रेडिंग और सब्सिडी भी प्रदान किया जाता है जिसके सहायता से आप मछली पालन का बिजनेस करके कम से कम लागत में अधिक से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

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